Rajasthan JET Redox Reactions Notes 2026 in Hindi
Rajasthan JET 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए Redox Reactions के नोट्स बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह टॉपिक Chemistry सेक्शन का मुख्य हिस्सा है और परीक्षा में इससे हर साल सवाल पूछे जाते हैं । Redox Reactions यानी अपचयोपचय अभिक्रियाएँ वे रासायनिक अभिक्रियाएँ हैं जिनमें एक साथ ऑक्सीकरण (Oxidation) और अपचयन (Reduction) होता है।
Redox शब्द Reduction और Oxidation के संयोजन से बना है। इन अभिक्रियाओं में एक पदार्थ इलेक्ट्रॉन (Electrons) खोता है (ऑक्सीकरण) और दूसरा पदार्थ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है (अपचयन) । JET परीक्षा में Redox Reactions से जुड़े सवाल आमतौर पर ऑक्सीकरण-अपचयन की परिभाषाएँ, ऑक्सीकरण संख्या (Oxidation Number), रेडॉक्स अभिक्रियाओं के प्रकार, और रेडॉक्स अभिक्रियाओं को संतुलित करने (Balancing of Redox Reactions) पर आधारित होते हैं । इसलिए इस टॉपिक को अच्छी तरह समझना बहुत जरूरी है।
Redox Reactions को समझने के लिए सबसे पहले Classical Concept (पारंपरिक अवधारणा) और Electronic Concept (इलेक्ट्रॉनिक अवधारणा) को समझना होगा । Classical Concept के अनुसार, ऑक्सीकरण में ऑक्सीजन (Oxygen) का योग या हाइड्रोजन (Hydrogen) का निष्कासन होता है, जबकि अपचयन इसके विपरीत है । Electronic Concept के अनुसार, ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉनों की हानि (Loss of Electrons) होती है और अपचयन में इलेक्ट्रॉनों की प्राप्ति (Gain of Electrons) होती है ।
Oxidation Number (ऑक्सीकरण संख्या) एक महत्वपूर्ण अवधारणा है जो किसी परमाणु पर आवेश (Charge) को दर्शाती है और Redox Reactions को पहचानने और संतुलित करने में सहायता करती है । JET परीक्षा में इन सभी अवधारणाओं से सवाल पूछे जाते हैं। इस लेख में हम Redox Reactions से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से देंगे ताकि आप इस टॉपिक को अच्छी तरह समझ सकें और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।
| Detail | Information |
|---|---|
| Exam Name | Rajasthan Joint Entrance Test (JET) 2026 |
| Conducting Body | Swami Keshwanand Rajasthan Agricultural University (SKRAU), Bikaner |
| Subject | Chemistry |
| Topic | Redox Reactions |
| Format | Hindi |
| Official Website | jetskrau2026.com |
Rajasthan JET Redox Reactions Notes 2026 – Topic Wise
यहाँ पर हम Redox Reactions के सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को विस्तार से समझेंगे। इन नोट्स में हर टॉपिक को आसान भाषा में समझाया गया है। JET परीक्षा में Chemistry सेक्शन से Redox Reactions पर हर साल 2-3 सवाल जरूर आते हैं । ये सवाल आमतौर पर ऑक्सीकरण-अपचयन की परिभाषाएँ, ऑक्सीकरण संख्या (Oxidation Number), रेडॉक्स अभिक्रियाओं के प्रकार, और रेडॉक्स अभिक्रियाओं को संतुलित करने (Balancing) से जुड़े होते हैं । इसलिए इस टॉपिक को पूरी तरह से समझना बहुत जरूरी है। नीचे हम Redox Reactions के हर पहलू को विस्तार से कवर करेंगे।
Redox Reaction – अपचयोपचय अभिक्रिया (Redox Reaction)
रेडॉक्स अभिक्रिया की परिभाषा (Definition of Redox Reaction)
Redox Reaction यानी अपचयोपचय अभिक्रिया वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें एक साथ ऑक्सीकरण (Oxidation) और अपचयन (Reduction) होता है । Redox शब्द Reduction और Oxidation के संयोजन से बना है । इन अभिक्रियाओं में एक पदार्थ इलेक्ट्रॉन (Electrons) खोता है (ऑक्सीकरण) और दूसरा पदार्थ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है (अपचयन) । Redox Reactions के बिना इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री (Electrochemistry), बैटरियों (Batteries), और जैविक प्रणालियों (Biological Systems) का अस्तित्व संभव नहीं है ।
रेडॉक्स अभिक्रिया का महत्व (Importance of Redox Reaction)
Redox Reaction का रसायन विज्ञान में बहुत महत्व है। पहला महत्व यह है कि यह विद्युत रसायन (Electrochemistry) का आधार है । दूसरा महत्व यह है कि बैटरियाँ (Batteries) और ईंधन कोशिकाएँ (Fuel Cells) Redox Reactions पर आधारित होती हैं । तीसरा महत्व यह है कि जंग लगना (Rusting), दहन (Combustion), और प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) जैसी प्रक्रियाएँ Redox Reactions हैं । चौथा महत्व यह है कि चयापचय (Metabolism) और श्वसन (Respiration) जैसी जैविक प्रक्रियाएँ भी Redox Reactions हैं ।
Oxidation and Reduction – ऑक्सीकरण एवं अपचयन (Oxidation and Reduction)
JET परीक्षा में Oxidation और Reduction की परिभाषाओं और उनके विभिन्न दृष्टिकोणों से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं ।
Classical Concept – पारंपरिक अवधारणा (Classical Concept)
ऑक्सीकरण (Oxidation) :
- किसी पदार्थ में ऑक्सीजन (Oxygen) का योग (Addition of Oxygen) ।
- किसी पदार्थ से हाइड्रोजन (Hydrogen) का निष्कासन (Removal of Hydrogen) ।
- विद्युत ऋणात्मक तत्व (Electronegative Element) का योग ।
- विद्युत धनात्मक तत्व (Electropositive Element) का निष्कासन ।
उदाहरण (Example): 2Mg + O₂ → 2MgO (मैग्नीशियम में ऑक्सीजन का योग)
अपचयन (Reduction) :
- किसी पदार्थ से ऑक्सीजन (Oxygen) का निष्कासन (Removal of Oxygen) ।
- किसी पदार्थ में हाइड्रोजन (Hydrogen) का योग (Addition of Hydrogen) ।
- विद्युत ऋणात्मक तत्व (Electronegative Element) का निष्कासन ।
- विद्युत धनात्मक तत्व (Electropositive Element) का योग ।
उदाहरण (Example): 2HgO → 2Hg + O₂ (HgO से ऑक्सीजन का निष्कासन)
Electronic Concept – इलेक्ट्रॉनिक अवधारणा (Electronic Concept)
ऑक्सीकरण (Oxidation) :
- इलेक्ट्रॉनों की हानि (Loss of Electrons) या डी-इलेक्ट्रोनेशन (De-electronation) ।
- किसी परमाणु, आयन, या अणु से इलेक्ट्रॉन निकलने की प्रक्रिया ।
उदाहरण (Example): Na → Na⁺ + e⁻ (सोडियम एक इलेक्ट्रॉन खोता है)
अपचयन (Reduction) :
- इलेक्ट्रॉनों की प्राप्ति (Gain of Electrons) या इलेक्ट्रोनेशन (Electronation) ।
- किसी परमाणु, आयन, या अणु में इलेक्ट्रॉन जुड़ने की प्रक्रिया ।
OIL RIG स्मरणीय (OIL RIG Mnemonic):
- OIL – Oxidation Is Loss of electrons (ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉन की हानि होती है)
- RIG – Reduction Is Gain of electrons (अपचयन में इलेक्ट्रॉन की प्राप्ति होती है)
Oxidation Number Concept – ऑक्सीकरण संख्या अवधारणा (Oxidation Number Concept)
ऑक्सीकरण (Oxidation) :
- किसी तत्व की ऑक्सीकरण संख्या (Oxidation Number) में वृद्धि (Increase) ।
अपचयन (Reduction) :
- किसी तत्व की ऑक्सीकरण संख्या (Oxidation Number) में कमी (Decrease) ।
Oxidation Number – ऑक्सीकरण संख्या (Oxidation Number)
Oxidation Number (O.N.) यानी ऑक्सीकरण संख्या किसी परमाणु पर उपस्थित आवेश (Charge) को दर्शाती है, जब उसे अन्य परमाणुओं से अलग किया जाता है । यह Redox Reactions को पहचानने और संतुलित करने में सहायता करती है । JET परीक्षा में Oxidation Number से जुड़े सवाल बहुत महत्वपूर्ण हैं ।
ऑक्सीकरण संख्या निर्धारित करने के नियम (Rules for Assigning Oxidation Numbers) :
- मूल अवस्था (Elementary State): किसी तत्व की मूल (असंयुक्त) अवस्था में O.N. शून्य (0) होता है। उदाहरण:
O₂,P₄,S₈,Na→ O.N. = 0 । - फ्लोरीन (Fluorine): सभी यौगिकों में F का O.N.
-1होता है । - ऑक्सीजन (Oxygen): सामान्यतः O का O.N.
-2होता है ।- अपवाद (Exceptions) :
- पेरोक्साइड (Peroxides –
H₂O₂,Na₂O₂) में O.N. =-1। - सुपरऑक्साइड (Superoxides –
KO₂) में O.N. =-1/2। OF₂में O.N. =+2(क्योंकि F अधिक विद्युत ऋणात्मक है) ।
- हाइड्रोजन (Hydrogen): सामान्यतः H का O.N.
+1होता है ।- अपवाद (Exceptions): धात्विक हाइड्राइड्स (Metal Hydrides –
NaH,CaH₂) में H का O.N.-1होता है ।
- अपवाद (Exceptions): धात्विक हाइड्राइड्स (Metal Hydrides –
- क्षार धातुएँ (Alkali Metals – Group 1): इनका O.N. सदैव
+1होता है । - क्षारीय पृथ्वी धातुएँ (Alkaline Earth Metals – Group 2): इनका O.N. सदैव
+2होता है । - बीजगणितीय योग (Algebraic Sum) :
- एक उदासीन अणु (Neutral Molecule) में सभी तत्वों के O.N. का योग = 0 ।
- एक बहुपरमाणुक आयन (Polyatomic Ion) में सभी तत्वों के O.N. का योग = आयन पर आवेश (Net Charge) ।
आंशिक ऑक्सीकरण संख्याएँ (Fractional Oxidation Numbers) :
कुछ यौगिकों में ऑक्सीकरण संख्या भिन्नात्मक (Fractional) हो सकती है, लेकिन यह केवल विभिन्न स्थानों पर उपस्थित परमाणुओं का औसत (Average) होता है ।
उदाहरण (Examples) :
S₄O₆²⁻(टेट्राथायोनेट आयन) में सल्फर की औसत O.N. =+2.5।- संरचना:
[+5S - 0S - 0S - +5S]
- संरचना:
C₃O₂(कार्बन सबऑक्साइड) में कार्बन की औसत O.N. =+4/3।- संरचना:
O=C=C=C=O
- संरचना:
Pb₃O₄(लाल सीसा) में Pb की औसत O.N. =+8/3।- वास्तविक संरचना:
2PbO·PbO₂
- वास्तविक संरचना:
Redox Couple – रेडॉक्स युग्म (Redox Couple)
Redox Couple यानी रेडॉक्स युग्म किसी अभिक्रिया में ऑक्सीकृत (Oxidised) और अपचयित (Reduced) रूपों का युग्म होता है । उदाहरण: Zn²⁺/Zn, Cu²⁺/Cu ।
Types of Redox Reactions – रेडॉक्स अभिक्रियाओं के प्रकार (Types of Redox Reactions)
JET परीक्षा में Redox Reactions के प्रकारों से जुड़े सवाल बहुत महत्वपूर्ण हैं ।
संयोजन अभिक्रिया (Combination Reactions) :
- इसमें दो या दो से अधिक अभिकारक (Reactants) मिलकर एक उत्पाद (Product) बनाते हैं ।
A + B → C- इसमें A या B या दोनों अवश्य ही मूल अवस्था (Elemental State) में होने चाहिए ।
उदाहरण (Example): C(s) + O₂(g) → CO₂(g)
विघटन अभिक्रिया (Decomposition Reactions) :
- यह संयोजन अभिक्रियाओं के विपरीत है। इसमें एक यौगिक (Compound) दो या अधिक सरल पदार्थों में टूट जाता है ।
C → A + B- इसमें कम से कम एक पदार्थ मूल अवस्था (Elemental State) में होना चाहिए ।
उदाहरण (Example): 2H₂O₂(l) → 2H₂O(l) + O₂(g)
विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reactions) :
- इसमें एक तत्व, यौगिक में उपस्थित दूसरे तत्व को विस्थापित (Displace) करता है ।
X + YZ → XZ + Y
धातु विस्थापन (Metal Displacement):CuSO₄(aq) + Zn(s) → ZnSO₄(aq) + Cu(s)
अधातु विस्थापन (Non-metal Displacement):
सामान्यतः अम्लों (Acids) या जल (Water) से हाइड्रोजन (Hydrogen) का विस्थापन ।
असमानुपातन अभिक्रिया (Disproportionation Reactions) :
- इसमें एक ही तत्व (Same Element) एक साथ ऑक्सीकृत (Oxidised) और अपचयित (Reduced) होता है ।
उदाहरण (Example): 2H₂O₂(aq) → 2H₂O(l) + O₂(g)
H₂O₂में ऑक्सीजन की O.N.-1है, जोO₂में0(ऑक्सीकरण) औरH₂Oमें-2(अपचयन) हो जाती है ।
अन्य उदाहरण (Other Example): P₄ + 3OH⁻ + 3H₂O → PH₃ + 3H₂PO₂⁻
Balancing of Redox Reactions – रेडॉक्स अभिक्रियाओं का संतुलन (Balancing of Redox Reactions)
JET परीक्षा में Redox Reactions को संतुलित करने (Balancing) से जुड़े सवाल बहुत महत्वपूर्ण हैं । दो मुख्य विधियाँ हैं:
ऑक्सीकरण संख्या विधि (Oxidation Number Method) :
चरण (Steps):
- अभिक्रिया (Skeletal Equation) लिखें ।
- प्रत्येक तत्व की ऑक्सीकरण संख्या (O.N.) निर्धारित करें ।
- O.N. में परिवर्तन (Change) को पहचानें ।
- O.N. में वृद्धि और कमी को बराबर (Equalize) करें ।
- O और H को छोड़कर अन्य परमाणुओं को संतुलित करें ।
- O को
H₂Oसे और H कोH⁺याOH⁻से संतुलित करें ।
उदाहरण (Example) (अम्लीय माध्यम में):Cr₂O₇²⁻ + SO₃²⁻ → Cr³⁺ + SO₄²⁻
हल (Solution) :
- O.N. निर्धारित करें:
Cr (+6) → (+3)(कमी),S (+4) → (+6)(वृद्धि) - Cr की O.N. में 3 की कमी, S में 2 की वृद्धि। बाईं ओर 2 Cr हैं, इसलिए
SO₃²⁻को 3 से गुणा करें । Cr₂O₇²⁻ + 3SO₃²⁻ → 2Cr³⁺ + 3SO₄²⁻- LHS पर आवेश =
-8, RHS पर =0। 8H⁺जोड़ें । Cr₂O₇²⁻ + 3SO₃²⁻ + 8H⁺ → 2Cr³⁺ + 3SO₄²⁻- H को संतुलित करने के लिए RHS पर 4
H₂Oजोड़ें । Cr₂O₇²⁻ + 3SO₃²⁻ + 8H⁺ → 2Cr³⁺ + 3SO₄²⁻ + 4H₂O
आयन-इलेक्ट्रॉन विधि (Ion-Electron Method / Half-Reaction Method) :
चरण (Steps):
- अभिक्रिया को दो अर्ध-अभिक्रियाओं (Half-Reactions) में विभाजित करें – ऑक्सीकरण अर्ध-अभिक्रिया और अपचयन अर्ध-अभिक्रिया ।
- O और H को छोड़कर अन्य परमाणुओं को संतुलित करें ।
- O को
H₂Oसे और H कोH⁺(अम्लीय माध्यम) याOH⁻(क्षारीय माध्यम) से संतुलित करें । - आवेश (Charge) को संतुलित करने के लिए इलेक्ट्रॉन (e⁻) जोड़ें ।
- दोनों अर्ध-अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉनों की संख्या को बराबर करें और उन्हें जोड़ें (Add) ।
उदाहरण (Example) (अम्लीय माध्यम में):Fe²⁺ + Cr₂O₇²⁻ + H⁺ → Fe³⁺ + Cr³⁺
हल (Solution) :
- ऑक्सीकरण अर्ध-अभिक्रिया:
Fe²⁺ → Fe³⁺ - अपचयन अर्ध-अभिक्रिया:
Cr₂O₇²⁻ → Cr³⁺ - अपचयन अर्ध-अभिक्रिया में Cr को संतुलित करें:
Cr₂O₇²⁻ → 2Cr³⁺ - O को
H₂Oसे संतुलित करें:Cr₂O₇²⁻ → 2Cr³⁺ + 7H₂O - H को
H⁺से संतुलित करें:Cr₂O₇²⁻ + 14H⁺ → 2Cr³⁺ + 7H₂O - आवेश संतुलित करें:
- ऑक्सीकरण:
Fe²⁺ → Fe³⁺ + e⁻ - अपचयन:
Cr₂O₇²⁻ + 14H⁺ + 6e⁻ → 2Cr³⁺ + 7H₂O
- ऑक्सीकरण:
- इलेक्ट्रॉन बराबर करें (6 से गुणा करें) और जोड़ें:
6Fe²⁺ → 6Fe³⁺ + 6e⁻Cr₂O₇²⁻ + 14H⁺ + 6e⁻ → 2Cr³⁺ + 7H₂O
- अंतिम संतुलित अभिक्रिया:
6Fe²⁺ + Cr₂O₇²⁻ + 14H⁺ → 6Fe³⁺ + 2Cr³⁺ + 7H₂O
Redox Titrations – रेडॉक्स अनुमापन (Redox Titrations)
Redox Titrations में Redox Reactions का उपयोग अज्ञात सांद्रता (Concentration) ज्ञात करने के लिए किया जाता है । JET परीक्षा में Redox Titrations से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं ।
परमैंगनेट अनुमापन (Permanganate Titration – KMnO₄) :
- KMnO₄ एक प्रबल ऑक्सीकारक (Strong Oxidizing Agent) है।
- अम्लीय माध्यम (Acidic Medium) में:
MnO₄⁻ → Mn²⁺(O.N.+7से+2तक कमी, n-factor = 5) । - स्व-सूचक (Self-Indicator) – KMnO₄ स्वयं ही सूचक (Indicator) का कार्य करता है ।
- अंत बिंदु (Endpoint) – रंगहीन (Colorless) से स्थायी गुलाबी (Permanent Light Pink) ।
डाइक्रोमेट अनुमापन (Dichromate Titration – K₂Cr₂O₇) :
- K₂Cr₂O₇ भी एक प्रबल ऑक्सीकारक (Strong Oxidizing Agent) है।
- अम्लीय माध्यम (Acidic Medium) में:
Cr₂O₇²⁻ → 2Cr³⁺(O.N.+6से+3तक कमी, n-factor = 6) । - डाइफेनिलामाइन सूचक (Diphenylamine Indicator) का उपयोग किया जाता है ।
आयोडीमेट्री और आयोडोमेट्री (Iodimetry and Iodometry) :
आयोडीमेट्री (Iodimetry) :
- मानक आयोडीन विलयन (Standard Iodine Solution) का उपयोग करके प्रत्यक्ष अनुमापन (Direct Titration)।
I₂ + 2e⁻ → 2I⁻
आयोडोमेट्री (Iodometry) :
- अप्रत्यक्ष अनुमापन (Indirect Titration) जिसमें मुक्त हुए आयोडीन (Liberated Iodine) को सोडियम थायोसल्फेट (Sodium Thiosulfate) द्वारा अनुमापित किया जाता है।
- स्टार्च सूचक (Starch Indicator) का उपयोग किया जाता है ।
- अंत बिंदु (Endpoint) – नीला-काला (Blue-Black) से रंगहीन (Colorless) ।
Redox Reactions – JET परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions for JET Exam)
Redox Reactions पर JET परीक्षा में कई प्रकार के सवाल पूछे जाते हैं। कुछ सवाल परिभाषाओं पर आधारित होते हैं। कुछ सवाल ऑक्सीकरण संख्या (Oxidation Number) पर आधारित होते हैं। कुछ सवाल रेडॉक्स अभिक्रियाओं के प्रकारों पर आधारित होते हैं। कुछ सवाल रेडॉक्स अभिक्रियाओं को संतुलित करने (Balancing) पर आधारित होते हैं। कुछ सवाल रेडॉक्स अनुमापन (Redox Titrations) पर आधारित होते हैं । इसलिए Redox Reactions के हर पहलू को अच्छी तरह समझना बहुत जरूरी है। नीचे कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं जो JET परीक्षा में पूछे जा सकते हैं ।
- Redox Reaction क्या है? Classical Concept और Electronic Concept में ऑक्सीकरण और अपचयन की परिभाषाएँ लिखिए ।
- Oxidation Number क्या है? इसके मुख्य नियम लिखिए ।
- Redox Reactions के प्रकारों को उदाहरण सहित समझाइए ।
- Disproportionation Reaction क्या है? उदाहरण देकर समझाइए ।
- Redox Reactions को संतुलित करने की Oxidation Number Method को समझाइए ।
- Redox Reactions को संतुलित करने की Ion-Electron Method (Half-Reaction Method) को समझाइए ।
- Permanganate Titration (KMnO₄) और Dichromate Titration (K₂Cr₂O₇) में अंतर बताइए ।
- Iodimetry और Iodometry में अंतर बताइए ।
H₂O₂में ऑक्सीजन की O.N. क्या है और यह Disproportionation Reaction क्यों दिखाता है?- आंशिक ऑक्सीकरण संख्याएँ (Fractional Oxidation Numbers) क्या हैं? उदाहरण देकर समझाइए ।
Redox Reactions – त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
JET परीक्षा से पहले आप Redox Reactions के महत्वपूर्ण बिंदुओं को इस प्रकार याद कर सकते हैं:
- Redox Reaction – ऑक्सीकरण + अपचयन ।
- OIL RIG – Oxidation Is Loss, Reduction Is Gain (of electrons) ।
- Oxidation – Classical (O₂ का योग / H₂ का निष्कासन), Electronic (e⁻ की हानि), O.N. में वृद्धि ।
- Reduction – Classical (O₂ का निष्कासन / H₂ का योग), Electronic (e⁻ की प्राप्ति), O.N. में कमी ।
- Oxidation Number (O.N.) – परमाणु पर आवेश ।
- मूल अवस्था में O.N. = 0 ।
- F का O.N. = -1, H का O.N. = +1 (हाइड्राइड में -1), O का O.N. = -2 (पेरोक्साइड में -1) ।
- उदासीन अणु में O.N. का योग = 0, आयन में = आयन का आवेश ।
- Types of Redox Reactions – Combination, Decomposition, Displacement, Disproportionation ।
- Balancing Redox Reactions – Oxidation Number Method, Ion-Electron (Half-Reaction) Method ।
- Redox Titrations – KMnO₄ (Self-indicator), K₂Cr₂O₇ (Diphenylamine), Iodimetry (Direct), Iodometry (Indirect, Starch) ।
- Disproportionation – एक ही तत्व का ऑक्सीकरण और अपचयन ।
- Fractional O.N. – विभिन्न स्थानों पर उपस्थित परमाणुओं का औसत ।
निष्कर्ष (Conclusion)
Redox Reactions रसायन विज्ञान के सबसे महत्वपूर्ण टॉपिकों में से एक है। यह इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री (Electrochemistry), बैटरियों (Batteries), और जैविक प्रणालियों (Biological Systems) का आधार है । Redox Reactions में एक पदार्थ इलेक्ट्रॉन खोता है (ऑक्सीकरण) और दूसरा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है (अपचयन) । Oxidation Number (O.N.) Redox Reactions को पहचानने और संतुलित करने में सहायता करती है । Redox Reactions चार प्रकार की होती हैं – संयोजन (Combination), विघटन (Decomposition), विस्थापन (Displacement), और असमानुपातन (Disproportionation) ।
Redox Reactions को दो विधियों द्वारा संतुलित किया जा सकता है – Oxidation Number Method और Ion-Electron (Half-Reaction) Method । Redox Titrations (KMnO₄, K₂Cr₂O₇, Iodimetry, Iodometry) Redox Reactions के महत्वपूर्ण अनुप्रयोग हैं । JET परीक्षा में Redox Reactions से हर साल 2-3 सवाल जरूर आते हैं । इसलिए इस टॉपिक को अच्छी तरह समझना और याद रखना बहुत जरूरी है। हमें उम्मीद है कि ये नोट्स आपको JET 2026 की तैयारी में बहुत मदद करेंगे। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट jetskrau2026.com पर जाएँ।