Rajasthan JET Hydrocarbons Notes 2026 in Hindi
Rajasthan JET 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए Hydrocarbons के नोट्स बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह टॉपिक Chemistry सेक्शन का मुख्य हिस्सा है और परीक्षा में इससे हर साल सवाल पूछे जाते हैं । Hydrocarbons यानी हाइड्रोकार्बन कार्बनिक यौगिक (Organic Compounds) होते हैं जो केवल कार्बन (Carbon) और हाइड्रोजन (Hydrogen) परमाणुओं से बने होते हैं ।
ये कार्बनिक रसायन विज्ञान (Organic Chemistry) की नींव हैं क्योंकि इन्हीं से अन्य सभी कार्बनिक यौगिक बनते हैं। JET परीक्षा में Hydrocarbons से जुड़े सवाल आमतौर पर वर्गीकरण, नामकरण (Nomenclature), संरचना, भौतिक गुण, रासायनिक अभिक्रियाएँ, और क्रियाविधियाँ (Mechanisms) पर आधारित होते हैं । इसलिए इस टॉपिक को अच्छी तरह समझना बहुत जरूरी है।
Hydrocarbons को मुख्यतः दो वर्गों में बाँटा गया है – एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन (Aliphatic Hydrocarbons) और ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (Aromatic Hydrocarbons) । एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन तीन प्रकार के होते हैं – ऐल्केन (Alkanes), ऐल्कीन (Alkenes), और ऐल्काइन (Alkynes)। ऐल्केन संतृप्त (Saturated) हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें केवल एकल बंध (Single Bonds) होते हैं ।
ऐल्कीन और ऐल्काइन असंतृप्त (Unsaturated) हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें क्रमशः द्वि-बंध (Double Bonds) और त्रि-बंध (Triple Bonds) होते हैं । ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन में बेन्जीन वलय (Benzene Ring) होता है और ये विशेष स्थिरता (Stability) रखते हैं । JET परीक्षा में इन सभी प्रकारों की संरचना, गुण, और अभिक्रियाओं से सवाल पूछे जाते हैं। इस लेख में हम Hydrocarbons से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से देंगे ताकि आप इस टॉपिक को अच्छी तरह समझ सकें और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।
| Detail | Information |
|---|---|
| Exam Name | Rajasthan Joint Entrance Test (JET) 2026 |
| Conducting Body | Swami Keshwanand Rajasthan Agricultural University (SKRAU), Bikaner |
| Subject | Chemistry |
| Topic | Hydrocarbons |
| Format | Hindi |
| Official Website | jetskrau2026.com |
Rajasthan JET Hydrocarbons Notes 2026 – Topic Wise
यहाँ पर हम Hydrocarbons के सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को विस्तार से समझेंगे। इन नोट्स में हर टॉपिक को आसान भाषा में समझाया गया है। JET परीक्षा में Chemistry सेक्शन से Hydrocarbons पर हर साल 2-3 सवाल जरूर आते हैं । ये सवाल आमतौर पर वर्गीकरण, नामकरण, अभिक्रियाएँ, और क्रियाविधियों से जुड़े होते हैं । इसलिए इस टॉपिक को पूरी तरह से समझना बहुत जरूरी है। नीचे हम Hydrocarbons के हर पहलू को विस्तार से कवर करेंगे।
Hydrocarbons – हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons)
हाइड्रोकार्बन की परिभाषा (Definition of Hydrocarbons)
Hydrocarbons यानी हाइड्रोकार्बन कार्बनिक यौगिक हैं जो केवल कार्बन (Carbon – C) और हाइड्रोजन (Hydrogen – H) तत्वों से बने होते हैं । ये कार्बनिक रसायन विज्ञान के सबसे सरल यौगिक हैं। हाइड्रोकार्बन प्राकृतिक रूप से पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, और कोयले में पाए जाते हैं । इन्हीं से प्लास्टिक, ईंधन, और अन्य कार्बनिक यौगिक बनते हैं ।
हाइड्रोकार्बन का महत्व (Importance of Hydrocarbons)
Hydrocarbons का रसायन विज्ञान और उद्योग में बहुत महत्व है। पहला महत्व यह है कि ये ईंधन (Fuel) के रूप में उपयोग होते हैं – पेट्रोल, डीजल, LPG, और CNG हाइड्रोकार्बन ही हैं। दूसरा महत्व यह है कि ये प्लास्टिक, पॉलिमर, और सिंथेटिक कपड़ों के निर्माण में उपयोग होते हैं। तीसरा महत्व यह है कि ये कार्बनिक रसायन विज्ञान की नींव हैं और इन्हीं से अन्य कार्यात्मक समूह (Functional Groups) वाले यौगिक बनते हैं।
Classification of Hydrocarbons – हाइड्रोकार्बन का वर्गीकरण (Classification of Hydrocarbons)
Hydrocarbons को मुख्यतः दो वर्गों में बाँटा गया है :
1. एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन (Aliphatic Hydrocarbons)
Aliphatic Hydrocarbons वे हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें कार्बन परमाणु खुली श्रृंखला (Open Chain) या बंद श्रृंखला (Closed Chain) में जुड़े होते हैं, लेकिन उनमें बेन्जीन वलय (Benzene Ring) नहीं होता । ये तीन प्रकार के होते हैं:
- ऐल्केन (Alkanes) – संतृप्त (Saturated) हाइड्रोकार्बन, केवल एकल बंध (C-C)
- ऐल्कीन (Alkenes) – असंतृप्त (Unsaturated) हाइड्रोकार्बन, द्वि-बंध (C=C)
- ऐल्काइन (Alkynes) – असंतृप्त (Unsaturated) हाइड्रोकार्बन, त्रि-बंध (C≡C)
2. ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (Aromatic Hydrocarbons)
Aromatic Hydrocarbons वे हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें बेन्जीन वलय (Benzene Ring) होता है । इनमें विशेष स्थिरता (Aromaticity) होती है। बेन्जीन (C₆H₆) इसका सबसे सरल और महत्वपूर्ण उदाहरण है ।
| हाइड्रोकार्बन का प्रकार | संरचना (Structure) | सामान्य सूत्र (General Formula) | उदाहरण (Example) |
|---|---|---|---|
| ऐल्केन (Alkane) | एकल बंध (C-C), संतृप्त (Saturated) | CₙH₂ₙ₊₂ | मीथेन (CH₄), ईथेन (C₂H₆) |
| ऐल्कीन (Alkene) | द्वि-बंध (C=C), असंतृप्त (Unsaturated) | CₙH₂ₙ | ईथीन (C₂H₄), प्रोपीन (C₃H₆) |
| ऐल्काइन (Alkyne) | त्रि-बंध (C≡C), असंतृप्त (Unsaturated) | CₙH₂ₙ₋₂ | ईथाइन (C₂H₂), प्रोपाइन (C₃H₄) |
| ऐरोमैटिक (Aromatic) | बेन्जीन वलय (Benzene Ring) | – | बेन्जीन (C₆H₆), टॉलुईन (C₇H₈) |
Alkanes – ऐल्केन (Alkanes)
ऐल्केन की परिभाषा (Definition of Alkanes)
Alkanes यानी ऐल्केन संतृप्त (Saturated) हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें कार्बन परमाणु एकल बंधों (Single Bonds – C-C) द्वारा जुड़े होते हैं । इन्हें पैराफिन (Paraffins) भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है “कम क्रियाशील” (Less Reactive) । ऐल्केन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ होता है । मीथेन (CH₄) सबसे सरल ऐल्केन है।
ऐल्केन के भौतिक गुण (Physical Properties of Alkanes)
- कार्बन संख्या बढ़ने पर गलनांक (Melting Point) और क्वथनांक (Boiling Point) बढ़ते हैं ।
- कमरे के तापमान पर C₁-C₄ गैस, C₅-C₁₇ द्रव, और C₁₈ से अधिक ठोस होते हैं।
- अध्रुवीय (Non-polar) होने के कारण ये जल (Water) में अघुलनशील (Insoluble) होते हैं।
- ये पेट्रोलियम ईथर, बेन्जीन, और कार्बन टेट्राक्लोराइड जैसे अध्रुवीय विलायकों में घुलनशील होते हैं।
ऐल्केन की रासायनिक अभिक्रियाएँ (Chemical Reactions of Alkanes)
Alkanes अक्रियाशील (Unreactive) होते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में निम्न अभिक्रियाएँ देते हैं :
- दहन (Combustion) – ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलने पर CO₂ और H₂O बनते हैं ।
CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा (Heat) - हैलोजनीकरण (Halogenation) – प्रकाश (Light) या ऊष्मा (Heat) की उपस्थिति में Cl₂ या Br₂ से अभिक्रिया करके हैलोऐल्केन बनाते हैं ।
CH₄ + Cl₂ → CH₃Cl + HCl(मुक्त मूलक प्रतिस्थापन – Free Radical Substitution) - निम्नीकरण (Cracking / Pyrolysis) – उच्च ताप पर छोटे ऐल्केन और ऐल्कीन में टूट जाते हैं।
ऐल्केन की क्रियाविधि – मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Mechanism – Free Radical Substitution)
मीथेन के क्लोरीनीकरण (Chlorination) की क्रियाविधि तीन चरणों में होती है :
- आरंभन (Initiation) – UV प्रकाश में Cl-Cl बंध टूटकर मुक्त मूलक (Free Radicals) बनते हैं।
Cl₂ → 2Cl• - प्रसार (Propagation) – मुक्त मूलक मीथेन से H परमाणु लेता है और नए मूलक बनते हैं।
Cl• + CH₄ → CH₃• + HClCH₃• + Cl₂ → CH₃Cl + Cl• - समापन (Termination) – दो मुक्त मूलक मिलकर स्थिर अणु बनाते हैं।
Cl• + Cl• → Cl₂CH₃• + Cl• → CH₃ClCH₃• + CH₃• → C₂H₆
Alkenes – ऐल्कीन (Alkenes)
ऐल्कीन की परिभाषा (Definition of Alkenes)
Alkenes यानी ऐल्कीन असंतृप्त (Unsaturated) हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें कार्बन-कार्बन द्वि-बंध (C=C) होता है । इन्हें ओलेफिन (Olefins) भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है “तेल बनाने वाले” (Oil Forming) । ऐल्कीन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ होता है। ईथीन (C₂H₄) सबसे सरल ऐल्कीन है।
ऐल्कीन के भौतिक गुण (Physical Properties of Alkenes)
- कार्बन संख्या बढ़ने पर गलनांक और क्वथनांक बढ़ते हैं ।
- कमरे के तापमान पर C₂-C₄ गैस, C₅-C₁₇ द्रव, और C₁₈ से अधिक ठोस होते हैं।
- ऐल्केन की भाँति ये जल में अघुलनशील और अध्रुवीय विलायकों में घुलनशील होते हैं।
ऐल्कीन की रासायनिक अभिक्रियाएँ (Chemical Reactions of Alkenes)
Alkenes का द्वि-बंध (C=C) इलेक्ट्रॉनों से भरपूर होता है, इसलिए ये इलेक्ट्रोफिलिक योजन (Electrophilic Addition) अभिक्रियाएँ देते हैं ।
- हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) – Ni, Pd, या Pt उत्प्रेरक पर H₂ योग → ऐल्केन बनता है ।
C₂H₄ + H₂ → C₂H₆ - हैलोजनीकरण (Halogenation) – Cl₂ या Br₂ योग → डाइहैलोऐल्केन बनता है ।
C₂H₄ + Br₂ → C₂H₄Br₂(Br₂ का लाल-भूरा रंग फीका पड़ जाता है – असंतृप्तता की परीक्षा) - हाइड्रोहैलोजनीकरण (Hydrohalogenation) – HBr या HCl योग → हैलोऐल्केन बनता है ।
मार्कोवनिकोफ नियम (Markovnikov’s Rule) – H, अधिक H वाले कार्बन पर जुड़ता है।CH₃-CH=CH₂ + HBr → CH₃-CH(Br)-CH₃(मुख्य उत्पाद)
एंटी-मार्कोवनिकोफ (Anti-Markovnikov) – पेरोक्साइड (Peroxide) की उपस्थिति में H, कम H वाले कार्बन पर जुड़ता है (क्रॉस-पेरोक्साइड प्रभाव / Kharasch Effect)।CH₃-CH=CH₂ + HBr → CH₃-CH₂-CH₂Br(पेरोक्साइड के साथ) - जलयोजन (Hydration) – H₂SO₄ की उपस्थिति में H₂O योग → ऐल्कोहल बनता है ।
C₂H₄ + H₂O → C₂H₅OH - ओज़ोनीकरण (Ozonolysis) – ओज़ोन (O₃) से अभिक्रिया, फिर Zn/H₂O से अपचयन → ऐल्डिहाइड या कीटोन बनते हैं ।
R₁R₂C=CR₃R₄ → R₁R₂C=O + O=CR₃R₄ - पॉलीमराइजेशन (Polymerization) – छोटे ऐल्कीन मिलकर लंबी श्रृंखला वाले पॉलिमर बनाते हैं ।
n(CH₂=CH₂) → (-CH₂-CH₂-)ₙ(पॉलीथीन) - दहन (Combustion) – ऑक्सीजन में जलने पर CO₂ और H₂O बनते हैं ।
C₂H₄ + 3O₂ → 2CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा
Alkynes – ऐल्काइन (Alkynes)
ऐल्काइन की परिभाषा (Definition of Alkynes)
Alkynes यानी ऐल्काइन असंतृप्त (Unsaturated) हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें कार्बन-कार्बन त्रि-बंध (C≡C) होता है । ऐल्काइन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ होता है। ईथाइन (C₂H₂) को ऐसीटिलीन (Acetylene) भी कहते हैं और यह सबसे सरल ऐल्काइन है।
ऐल्काइन के भौतिक गुण (Physical Properties of Alkynes)
- कार्बन संख्या बढ़ने पर गलनांक और क्वथनांक बढ़ते हैं ।
- C₂-C₄ गैसीय, C₅-C₁₅ द्रव, और उससे अधिक ठोस होते हैं।
- जल में अघुलनशील, अध्रुवीय विलायकों में घुलनशील।
ऐल्काइन की रासायनिक अभिक्रियाएँ (Chemical Reactions of Alkynes)
Alkynes में त्रि-बंध होने के कारण ये भी इलेक्ट्रोफिलिक योजन (Electrophilic Addition) अभिक्रियाएँ देते हैं ।
- हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) – H₂ योग → पहले ऐल्कीन, फिर ऐल्केन बनता है ।
C₂H₂ + H₂ → C₂H₄C₂H₄ + H₂ → C₂H₆ - हैलोजनीकरण (Halogenation) – Cl₂ या Br₂ योग → टेट्राहैलोऐल्केन बनता है ।
C₂H₂ + 2Br₂ → C₂H₂Br₄(Br₂ का रंग फीका पड़ता है – असंतृप्तता की परीक्षा) - हाइड्रोहैलोजनीकरण (Hydrohalogenation) – HBr या HCl योग → डाइहैलोऐल्केन बनता है ।
C₂H₂ + 2HBr → C₂H₄Br₂ - जलयोजन (Hydration) – H₂SO₄ + HgSO₄ की उपस्थिति में H₂O योग → ऐसीटैल्डिहाइड (Acetaldehyde) या कीटोन बनता है (कुचेरोव अभिक्रिया)।
- ऐसीटिलीनाइड बनाना (Formation of Acetylides) – टर्मिनल ऐल्काइन (R-C≡CH) अम्लीय (Acidic) होते हैं और NaNH₂, AgNO₃, या CuCl से अभिक्रिया करके धात्विक लवण (Metal Acetylides) बनाते हैं ।
R-C≡CH + NaNH₂ → R-C≡CNa + NH₃R-C≡CH + AgNO₃ → R-C≡CAg↓(सफेद अवक्षेप) – टर्मिनल ऐल्काइन की पहचान - दहन (Combustion) – ऑक्सीजन में जलने पर CO₂ और H₂O बनते हैं ।
2C₂H₂ + 5O₂ → 4CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा(ऐसीटिलीन की लौ बहुत तीव्र होती है, वेल्डिंग में उपयोग)
Aromatic Hydrocarbons – ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (Aromatic Hydrocarbons)
ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन की परिभाषा (Definition of Aromatic Hydrocarbons)
Aromatic Hydrocarbons यानी ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन वे यौगिक हैं जिनमें बेन्जीन वलय (Benzene Ring) होता है । बेन्जीन (C₆H₆) इसका सबसे सरल उदाहरण है। इनमें विशेष स्थिरता (Aromaticity) होती है जो वलय में इलेक्ट्रॉनों के विस्थानीकरण (Delocalization) के कारण होती है । “ऐरोमैटिक” नाम पहले सुगंध (Aroma) से जुड़ा था, लेकिन अब यह विशेष स्थिरता को दर्शाता है ।
बेन्जीन की संरचना (Structure of Benzene)
बेन्जीन (C₆H₆) में 6 कार्बन परमाणु एक वलय (Ring) में जुड़े होते हैं। प्रत्येक कार्बन एक H से जुड़ा होता है। वलय में 3 द्वि-बंध (C=C) और 3 एकल बंध (C-C) होते हैं, लेकिन ये द्वि-बंध स्थिर नहीं होते और लगातार परिवर्तित (Resonate) होते रहते हैं। इसे एक वलय के भीतर एक वृत्त (Circle) द्वारा दर्शाया जाता है।
बेन्जीन की रासायनिक अभिक्रियाएँ (Chemical Reactions of Benzene)
Benzene में इलेक्ट्रॉनों का विस्थानीकरण (Delocalization) होने के कारण यह इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन (Electrophilic Substitution) अभिक्रियाएँ देता है, योजन (Addition) नहीं ।
- नाइट्रीकरण (Nitration) – HNO₃ + H₂SO₄ से अभिक्रिया → नाइट्रोबेन्जीन ।
C₆H₆ + HNO₃ → C₆H₅NO₂ + H₂O - सल्फोनीकरण (Sulphonation) – H₂SO₄ (SO₃) से अभिक्रिया → बेन्जीन सल्फोनिक अम्ल ।
C₆H₆ + H₂SO₄ → C₆H₅SO₃H + H₂O - हैलोजनीकरण (Halogenation) – FeBr₃ या FeCl₃ उत्प्रेरक पर Cl₂ या Br₂ से अभिक्रिया → हैलोबेन्जीन ।
C₆H₆ + Br₂ → C₆H₅Br + HBr - फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐल्किलीकरण (Friedel-Crafts Alkylation) – ऐल्किल हैलाइड + AlCl₃ से अभिक्रिया → ऐल्किल बेन्जीन ।
C₆H₆ + CH₃Cl → C₆H₅CH₃ + HCl(टॉलुईन) - फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐसीलीकरण (Friedel-Crafts Acylation) – ऐसील क्लोराइड + AlCl₃ से अभिक्रिया → कीटोन बनता है ।
C₆H₆ + CH₃COCl → C₆H₅COCH₃ + HCl
Hydrocarbons – JET परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions for JET Exam)
Hydrocarbons पर JET परीक्षा में कई प्रकार के सवाल पूछे जाते हैं। कुछ सवाल वर्गीकरण पर आधारित होते हैं। कुछ सवाल नामकरण (Nomenclature) पर आधारित होते हैं। कुछ सवाल अभिक्रियाओं और क्रियाविधियों पर आधारित होते हैं । कुछ सवाल ऐरोमैटिक अभिक्रियाओं पर आधारित होते हैं । इसलिए Hydrocarbons के हर पहलू को अच्छी तरह समझना बहुत जरूरी है। नीचे कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं जो JET परीक्षा में पूछे जा सकते हैं:
- Hydrocarbons क्या हैं? इनका वर्गीकरण उदाहरण सहित समझाइए।
- Alkanes की दहन (Combustion) और हैलोजनीकरण (Halogenation) अभिक्रियाएँ लिखिए। Free Radical Substitution की क्रियाविधि समझाइए ।
- Alkenes और Alkynes में Electrophilic Addition की अभिक्रियाएँ समझाइए। Markovnikov और Anti-Markovnikov नियम को उदाहरण सहित समझाइए ।
- Alkenes की Ozonolysis और Polymerization अभिक्रियाएँ लिखिए ।
- Terminal Alkyne की अम्लीयता (Acidity) और Acetylide बनाने की अभिक्रिया लिखिए ।
- Benzene की संरचना का वर्णन कीजिए। Benzene में Electrophilic Substitution (Nitration, Sulphonation, Halogenation, Friedel-Crafts) अभिक्रियाएँ लिखिए ।
- Saturated और Unsaturated Hydrocarbons में अंतर बताइए ।
- Alkanes, Alkenes, और Alkynes के सामान्य सूत्र लिखिए।
- Benzene और Alkenes की अभिक्रियाओं में मुख्य अंतर क्या है?
- Alkanes की सामान्य अक्रियाशीलता (Unreactivity) का कारण क्या है?
Hydrocarbons – त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
JET परीक्षा से पहले आप Hydrocarbons के महत्वपूर्ण बिंदुओं को इस प्रकार याद कर सकते हैं:
- Hydrocarbons – केवल C और H से बने यौगिक ।
- Alkanes – CₙH₂ₙ₊₂, संतृप्त (Saturated), एकल बंध (C-C) ।
- Alkenes – CₙH₂ₙ, असंतृप्त (Unsaturated), द्वि-बंध (C=C) ।
- Alkynes – CₙH₂ₙ₋₂, असंतृप्त (Unsaturated), त्रि-बंध (C≡C) ।
- Aromatic Hydrocarbons – बेन्जीन वलय (Benzene Ring), विशेष स्थिरता ।
- Alkanes की अभिक्रियाएँ – दहन (Combustion), हैलोजनीकरण (Halogenation – Free Radical Substitution) ।
- Alkenes की अभिक्रियाएँ – H₂ (Hydrogenation), Br₂ (Halogenation), HBr (Hydrohalogenation – Markovnikov), H₂O (Hydration), Ozonolysis, Polymerization ।
- Alkynes की अभिक्रियाएँ – H₂, Br₂, HBr, H₂O (Hydration – Kucherоv), Acetylide formation (Terminal alkynes) ।
- Benzene की अभिक्रियाएँ – Nitration, Sulphonation, Halogenation, Friedel-Crafts Alkylation, Friedel-Crafts Acylation (Electrophilic Substitution) ।
- Unsaturation Test – Br₂ का रंग फीका पड़ना या KMnO₄ का बैंगनी रंग फीका पड़ना ।
- Markovnikov Rule – H, अधिक H वाले C पर जुड़ता है ।
- Anti-Markovnikov – Peroxide की उपस्थिति में H, कम H वाले C पर जुड़ता है ।
निष्कर्ष (Conclusion)
Hydrocarbons कार्बनिक रसायन विज्ञान के सबसे महत्वपूर्ण टॉपिकों में से एक है। Hydrocarbons केवल कार्बन (Carbon) और हाइड्रोजन (Hydrogen) से बने यौगिक हैं । इन्हें मुख्यतः एलिफैटिक (Aliphatic – Alkanes, Alkenes, Alkynes) और ऐरोमैटिक (Aromatic – Benzene) में बाँटा गया है । Alkanes संतृप्त (Saturated) होते हैं और मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free Radical Substitution) अभिक्रियाएँ देते हैं । Alkenes और Alkynes असंतृप्त (Unsaturated) होते हैं और इलेक्ट्रोफिलिक योजन (Electrophilic Addition) अभिक्रियाएँ देते हैं ।
Aromatic Hydrocarbons में बेन्जीन वलय होता है और ये इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन (Electrophilic Substitution) अभिक्रियाएँ देते हैं । JET परीक्षा में Hydrocarbons से हर साल 2-3 सवाल जरूर आते हैं । इसलिए इस टॉपिक को अच्छी तरह समझना और याद रखना बहुत जरूरी है। हमें उम्मीद है कि ये नोट्स आपको JET 2026 की तैयारी में बहुत मदद करेंगे। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट jetskrau2026.com पर जाएँ।