Rajasthan JET Laws of Motion Notes 2026 in Hindi

Rajasthan JET 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए Laws of Motion के नोट्स बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह टॉपिक Physics सेक्शन का मुख्य हिस्सा है और परीक्षा में इससे हर साल सवाल पूछे जाते हैं । Laws of Motion यानी गति के नियम, भौतिकी की वह नींव हैं जो बताते हैं कि वस्तुएँ क्यों और कैसे गति करती हैं। ये नियम Sir Isaac Newton ने दिए थे और ये शास्त्रीय यांत्रिकी (Classical Mechanics) का आधार हैं।

JET परीक्षा में इस टॉपिक से Newton के तीनों नियम, जड़त्व (Inertia), बल (Force), संवेग (Momentum), घर्षण (Friction), और वृत्तीय गति (Circular Motion) से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं । इसलिए इस टॉपिक को अच्छी तरह समझना बहुत जरूरी है।

गति के नियम, गति के अध्ययन (Kinematics) से आगे बढ़कर, गति के कारणों (Dynamics) को समझाते हैं । पहला नियम जड़त्व (Inertia) की अवधारणा देता है, दूसरा नियम बल और त्वरण (Acceleration) के बीच संबंध स्थापित करता है, और तीसरा नियम क्रिया-प्रतिक्रिया (Action-Reaction) के सिद्धांत को समझाता है ।

JET परीक्षा में इन नियमों के आधार पर Free Body Diagram (FBD) बनाना और विभिन्न समस्याओं को हल करना सिखाया जाता है । इस लेख में हम Laws of Motion से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से देंगे ताकि आप इस टॉपिक को अच्छी तरह समझ सकें और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।


DetailInformation
Exam NameRajasthan Joint Entrance Test (JET) 2026
Conducting BodySwami Keshwanand Rajasthan Agricultural University (SKRAU), Bikaner
SubjectPhysics
TopicLaws of Motion
FormatHindi
Official Websitejetskrau2026.com

Rajasthan JET Laws of Motion Notes 2026 – Topic Wise

यहाँ पर हम Laws of Motion के सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को विस्तार से समझेंगे। इन नोट्स में हर टॉपिक को आसान भाषा में समझाया गया है। JET परीक्षा में Physics सेक्शन से Laws of Motion पर हर साल 2-3 सवाल जरूर आते हैं । ये सवाल आमतौर पर Newton के तीनों नियमों, घर्षण (Friction), और वृत्तीय गति (Circular Motion) से जुड़े होते हैं । इसलिए इस टॉपिक को पूरी तरह से समझना बहुत जरूरी है। नीचे हम Laws of Motion के हर पहलू को विस्तार से कवर करेंगे।


Force and Motion – बल और गति (Force and Motion)

बल की परिभाषा (Definition of Force)

Force यानी बल वह बाहरी कारण है जो किसी वस्तु की विराम या एकसमान गति की अवस्था को बदलने का प्रयास करता है । बल एक सदिश (Vector) राशि है, जिसका परिमाण (Magnitude) और दिशा (Direction) दोनों होते हैं। बल किसी वस्तु में त्वरण (Acceleration) उत्पन्न करता है, उसका आकार बदल सकता है, या उसकी गति की दिशा बदल सकता है।

गति का अध्ययन (Study of Motion)

गति का अध्ययन दो भागों में बाँटा गया है – गतिकी (Kinematics) और गतिकी (Dynamics) :

  1. गतिकी (Kinematics) – इसमें गति का वर्णन किया जाता है, लेकिन गति के कारणों (बल) का अध्ययन नहीं किया जाता ।
  2. गतिकी (Dynamics) – इसमें गति के कारणों (बलों) का अध्ययन किया जाता है ।

Newton के गति के नियम, गतिकी (Dynamics) का आधार हैं ।


Newton’s First Law of Motion – न्यूटन का गति का प्रथम नियम (Newton’s First Law of Motion)

प्रथम नियम की परिभाषा (Definition of First Law)

Newton’s First Law of Motion यानी न्यूटन का गति का प्रथम नियम (जड़त्व का नियम – Law of Inertia) कहता है कि प्रत्येक वस्तु अपनी विराम की अवस्था या एकसमान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है, जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल (External Force) कार्य न करे

जड़त्व (Inertia)

Inertia यानी जड़त्व किसी वस्तु का वह गुण है जिसके कारण वह अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है । जड़त्व दो प्रकार का होता है:

  1. विराम जड़त्व (Inertia of Rest) – किसी स्थिर वस्तु का स्थिर रहने की प्रवृत्ति।
  2. गति जड़त्व (Inertia of Motion) – किसी गतिशील वस्तु का गतिशील रहने की प्रवृत्ति।

प्रथम नियम का महत्व (Significance of First Law)

  1. जड़त्व की परिभाषा – यह नियम जड़त्व (Inertia) की अवधारणा को परिभाषित करता है ।
  2. बल की परिभाषा – यह बल (Force) को उस कारण के रूप में परिभाषित करता है जो वस्तु की गति की अवस्था को बदलने का प्रयास करता है ।
  3. जड़त्वीय निर्देश तंत्र (Inertial Frame of Reference) – यह नियम निर्देश तंत्र (Frame of Reference) की अवधारणा को स्पष्ट करता है ।

Newton’s Second Law of Motion – न्यूटन का गति का द्वितीय नियम (Newton’s Second Law of Motion)

द्वितीय नियम की परिभाषा (Definition of Second Law)

Newton’s Second Law of Motion यानी न्यूटन का गति का द्वितीय नियम कहता है कि किसी वस्तु के संवेग (Momentum) में परिवर्तन की दर, उस वस्तु पर लगने वाले बल (Force) के समानुपाती होती है और बल की दिशा में होती है

संवेग (Momentum) और बल (Force)

संवेग (Momentum – p) = द्रव्यमान (Mass – m) × वेग (Velocity – v)

p = m × v

बल (Force – F) = संवेग में परिवर्तन की दर (Rate of change of momentum)

F = dp/dt = d(mv)/dt = m(dv/dt) = m × a

F = m × a

जहाँ:

  • F = बल (Force) – न्यूटन (Newton – N) में
  • m = द्रव्यमान (Mass) – किलोग्राम (kg) में
  • a = त्वरण (Acceleration) – मीटर/सेकण्ड² (m/s²) में

द्वितीय नियम का महत्व (Significance of Second Law)

  1. बल का मापन – यह नियम बल को मापने का सूत्र (F = ma) प्रदान करता है ।
  2. पहले नियम की व्याख्या – यदि F = 0, तो a = 0, अर्थात वस्तु एकसमान वेग से गति करेगी या विराम में रहेगी ।
  3. आवेग (Impulse) – बल और समय के गुणनफल को आवेग (Impulse = F × t) कहते हैं, जो संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है ।

आवेग (Impulse)

Impulse यानी आवेग, बल (Force) और उसके कार्य करने के समय (Time) का गुणनफल है :

Impulse = F × t = Δp = m(v – u)

आवेग एक सदिश (Vector) राशि है और इसकी दिशा बल की दिशा में होती है।


Newton’s Third Law of Motion – न्यूटन का गति का तृतीय नियम (Newton’s Third Law of Motion)

तृतीय नियम की परिभाषा (Definition of Third Law)

Newton’s Third Law of Motion यानी न्यूटन का गति का तृतीय नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम – Action-Reaction Law) कहता है कि प्रत्येक क्रिया (Action) के बराबर और विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया (Reaction) होती है

क्रिया और प्रतिक्रिया (Action and Reaction)

  1. क्रिया और प्रतिक्रिया सदैव युग्म (Pair) में होती हैं – एक बल अकेला नहीं हो सकता।
  2. क्रिया और प्रतिक्रिया भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर कार्य करती हैं – ये एक ही वस्तु पर कार्य नहीं करतीं ।
  3. क्रिया और प्रतिक्रिया परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत होती हैं

तृतीय नियम का महत्व (Significance of Third Law)

  1. संवेग संरक्षण का नियम – तृतीय नियम, संवेग संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Momentum) का आधार है ।
  2. रॉकेट का सिद्धांत – रॉकेट, क्रिया-प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर कार्य करता है।
  3. गति के कारणों की समझ – यह बताता है कि बल एकाकी नहीं होते, बल्कि सदैव युग्म में होते हैं।

संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum)

Law of Conservation of Momentum यानी संवेग संरक्षण का नियम कहता है कि यदि किसी निकाय (System) पर कोई बाहरी बल (External Force) कार्य न करे, तो उस निकाय का कुल संवेग (Total Momentum) स्थिर (Constant) रहता है

m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂

जहाँ u प्रारंभिक वेग और v अंतिम वेग है।

उपयोग (Applications):

  1. रॉकेट का प्रक्षेपण – रॉकेट से गैसों का निष्कासन और रॉकेट की गति।
  2. बंदूक से गोली चलाना – गोली का अग्रगामी संवेग और बंदूक का पीछे हटना (Recoil)।
  3. विस्फोट (Explosion) – विस्फोट के बाद टुकड़ों की गति।

Free Body Diagram (FBD) – मुक्त पिंड आरेख (Free Body Diagram)

Free Body Diagram (FBD) यानी मुक्त पिंड आरेख, किसी वस्तु पर कार्य करने वाले सभी बलों को दर्शाने का एक आरेख है । FBD बनाने के चरण:

  1. वस्तु का चयन – उस वस्तु का चयन करें जिसका विश्लेषण करना है।
  2. अन्य वस्तुओं को हटाना – अन्य सभी वस्तुओं को हटाकर केवल चयनित वस्तु पर विचार करें।
  3. बलों को दर्शाना – वस्तु पर कार्य करने वाले सभी बलों (जैसे गुरुत्व बल, सामान्य बल, घर्षण बल, तनाव) को तीरों (Arrows) द्वारा दर्शाएँ ।

FBD, Laws of Motion की समस्याओं को हल करने का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है ।


Friction – घर्षण (Friction)

घर्षण की परिभाषा (Definition of Friction)

Friction यानी घर्षण वह बल है जो दो सतहों (Surfaces) के बीच सापेक्ष गति (Relative Motion) का विरोध करता है । यह संपर्क बल (Contact Force) का एक घटक (Component) है ।

घर्षण के प्रकार (Types of Friction)

  1. स्थैतिक घर्षण (Static Friction) – यह दो सतहों के बीच गति आरंभ होने से पहले विरोध करता है ।
  2. गतिज घर्षण (Kinetic Friction) – यह दो सतहों के बीच गति होने पर विरोध करता है ।
  3. लोटनिक घर्षण (Rolling Friction) – यह लुढ़कती (Rolling) वस्तुओं के बीच विरोध करता है।

गतिज घर्षण (Kinetic Friction) हमेशा स्थैतिक घर्षण (Static Friction) से कम होता है ।

स्थैतिक घर्षण के नियम (Laws of Static Friction)

  1. घर्षण का परिमाण (Magnitude), सतहों के बीच अभिलंब बल (Normal Reaction – N) के समानुपाती होता है।
  2. अधिकतम स्थैतिक घर्षण (Limiting Friction), सतहों के संपर्क क्षेत्र (Area of Contact) पर निर्भर नहीं करता।
  3. घर्षण बल, वस्तु की सापेक्ष गति की दिशा के विपरीत कार्य करता है ।

गतिज घर्षण के नियम (Laws of Kinetic Friction)

  1. गतिज घर्षण, अभिलंब बल (Normal Reaction – N) के समानुपाती होता है।
  2. गतिज घर्षण, सतहों के संपर्क क्षेत्र (Area of Contact) पर निर्भर नहीं करता।
  3. गतिज घर्षण, वस्तु के वेग (Velocity) पर निर्भर नहीं करता (कम वेगों के लिए)।

घर्षण के अनुप्रयोग (Applications of Friction)

  1. चलना – हमारे पैर और जमीन के बीच घर्षण हमें चलने में मदद करता है।
  2. ब्रेक – वाहनों में ब्रेक, घर्षण के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
  3. खिंचाव (Drag) – वायु और जल में गति पर घर्षण का प्रभाव ।

Circular Motion – वृत्तीय गति (Circular Motion)

वृत्तीय गति की परिभाषा (Definition of Circular Motion)

Circular Motion यानी वृत्तीय गति, किसी वस्तु की वृत्ताकार पथ (Circular Path) में गति है । JET परीक्षा में वृत्तीय गति से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं ।

अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force)

Centripetal Force यानी अभिकेन्द्री बल वह बल है जो किसी वस्तु को वृत्ताकार पथ पर घुमाने के लिए आवश्यक होता है । यह बल हमेशा वृत्त के केंद्र (Centre) की ओर कार्य करता है।

F_c = m × v² / r = m × ω² × r

जहाँ:

  • F_c = अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force)
  • m = द्रव्यमान (Mass)
  • v = रेखीय वेग (Linear Velocity)
  • ω = कोणीय वेग (Angular Velocity)
  • r = वृत्त की त्रिज्या (Radius of Circle)

सड़क का बैंकिंग (Banking of Roads)

Banking of Roads यानी सड़क का बैंकिंग, वह प्रक्रिया है जिसमें सड़क को मोड़ (Turn) पर बाहर की ओर से अंदर की ओर झुका (Tilted) दिया जाता है । यह वाहनों को मोड़ पर सुरक्षित रूप से घुमाने में मदद करता है।

आदर्श चाल (Optimum Speed):

v₀ = √(r × g × tanθ)

जहाँ:

  • v₀ = आदर्श चाल (Optimum Speed)
  • r = मोड़ की त्रिज्या (Radius of Turn)
  • g = गुरुत्व त्वरण (Acceleration due to Gravity)
  • θ = बैंकिंग कोण (Banking Angle)

Laws of Motion – JET परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions for JET Exam)

Laws of Motion पर JET परीक्षा में कई प्रकार के सवाल पूछे जाते हैं। कुछ सवाल Newton के नियमों की परिभाषाओं पर आधारित होते हैं। कुछ सवाल Free Body Diagram (FBD) और समस्याओं को हल करने पर आधारित होते हैं। कुछ सवाल घर्षण (Friction) और वृत्तीय गति (Circular Motion) पर आधारित होते हैं । इसलिए Laws of Motion के हर पहलू को अच्छी तरह समझना बहुत जरूरी है। नीचे कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं जो JET परीक्षा में पूछे जा सकते हैं:

  1. Newton के गति के तीनों नियमों को परिभाषित करें।
  2. जड़त्व (Inertia) क्या है? यह Newton के पहले नियम से किस प्रकार संबंधित है?
  3. संवेग (Momentum) क्या है? Newton के दूसरे नियम को संवेग के रूप में व्यक्त करें।
  4. क्रिया और प्रतिक्रिया (Action and Reaction) एक ही वस्तु पर क्यों कार्य नहीं करतीं?
  5. घर्षण (Friction) क्या है? स्थैतिक और गतिज घर्षण में अंतर बताएं।
  6. Free Body Diagram (FBD) क्या है? इसका महत्व बताएं।
  7. अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force) क्या है? इसका सूत्र लिखें।
  8. संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) क्या है? एक उदाहरण दें।
  9. सड़क का बैंकिंग (Banking of Roads) क्यों किया जाता है? आदर्श चाल का सूत्र लिखें।
  10. आवेग (Impulse) क्या है? इसका संवेग (Momentum) से क्या संबंध है?

Laws of Motion – त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)

JET परीक्षा से पहले आप Laws of Motion के महत्वपूर्ण बिंदुओं को इस प्रकार याद कर सकते हैं:

  1. First Law (Inertia) – बाहरी बल के बिना अवस्था नहीं बदलती ।
  2. Second Law (F = ma) – बल = द्रव्यमान × त्वरण ।
  3. Third Law (Action-Reaction) – प्रत्येक क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया ।
  4. Momentum (p = mv) – संवेग = द्रव्यमान × वेग ।
  5. Impulse (F × t = Δp) – आवेग = बल × समय = संवेग में परिवर्तन ।
  6. Conservation of Momentum – बाहरी बल न हो तो संवेग स्थिर ।
  7. Static Friction – गति आरंभ होने से पहले विरोध ।
  8. Kinetic Friction – गति के दौरान विरोध ।
  9. Centripetal Force (F_c = mv²/r) – वृत्तीय गति के लिए आवश्यक बल ।
  10. Banking of Roads – आदर्श चाल v₀ = √(r×g×tanθ) ।

निष्कर्ष (Conclusion)

Laws of Motion, भौतिकी के सबसे महत्वपूर्ण टॉपिकों में से एक है। Newton के तीनों नियम – जड़त्व का नियम (First Law), बल और त्वरण का नियम (Second Law – F = ma), और क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम (Third Law) – शास्त्रीय यांत्रिकी (Classical Mechanics) का आधार हैं । संवेग (Momentum), आवेग (Impulse), और संवेग संरक्षण (Conservation of Momentum) की अवधारणाएँ, द्वितीय और तृतीय नियम से व्युत्पन्न होती हैं ।

घर्षण (Friction), वृत्तीय गति (Circular Motion), और Free Body Diagram (FBD) इस टॉपिक के अन्य महत्वपूर्ण पहलू हैं । JET परीक्षा में Laws of Motion से हर साल 2-3 सवाल जरूर आते हैं । इसलिए इस टॉपिक को अच्छी तरह समझना और याद रखना बहुत जरूरी है। हमें उम्मीद है कि ये नोट्स आपको JET 2026 की तैयारी में बहुत मदद करेंगे। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट jetskrau2026.com पर जाएँ।

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